जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में मरीज़ों का हो रहा शोषण, मोटे कमीसन के चलते बाहर से मंगाए जाते इंजेक्सान
फतेहपुर। जिले के सदर अस्पताल के ट्रामा सेंटर में मरीज़ के तीमारदारों से दवा और इंजेक्शन के नाम से एक छोटी सी पर्ची थमा कर अपनी कमीशन खोरी रकम वसूली का एक नायाब तरीका अपना रखा है,पीड़ित जिला अस्पताल अपने मरीज़ को इस लिए लेकर आते है कि उसके मरीज़ को सरकारी सुविधाओ का लाभ मिलेगा। मगर जिला अस्पताल में जब उसको एक छोटी सी पर्ची यह कह कर पकड़ाई जाती है कि यह इंजेक्सन बाहर से लेकर आओ तुम्हारे मरीज़ को लगाना है। तीमारदार बाहर स्टोर पर पहुंचता है और उसको इंजेक्सन की कीमत अदा करनी पड़ती है तब सरकारी अस्पताल में फ्री इलाज का भ्रम उसका दूर हो जाता है। आज भी कुछ इसी तरह मरीज़ के तीमारदार के साथ हुआ । हुसैनगंज थाना क्षेत्र के शहबसी गाँव निवासी कल्लु पुत्र दिनेश इटौली गाँव निवासी अपने रिस्तेदार राम कृपाल की 30 वर्षीय पत्नी रुची देवी को जिला अस्पताल लेकर आया। रुची देवी को।घर मे काम करते समय किसी ज़हरीले कीड़े ने काट लिया था। जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी तो उसको इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया । जहाँ ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर भर्ती कर उसका इलाज कर रहे थे। तभी मौजूद स्टॉप ने उसके तीमारदार दिनेश को एक छोटी सी पर्ची पकड़ाते हुए कहा यह इंजेक्सन यहाँ नही है बाहर से लेकर आओ बाहर मेडिकल स्टोर से वह इंजेक्सन तो ले आया जिसकी कीमत इतनी थी की उसका जेब ही खाली हो गया, इसकी शिकायत उसने मौजूद गार्ड से किया तो गार्ड ने सीएमएस के पास भेज दिया। सीएमएस जब नही मिले तो पीड़ित ने मीडिया से शिकायत करते हुए बताया।जिला अस्पताल तो फ्री उपचार के लिए होता हैँ स्टॉप द्वारा हमसे इंजेक्सन बाहर से मंगाया गया जो ऊंचे दामों मे मिला.जब सरकारी अस्पताल में सारी दवाएं फ्री है तो फिर बाहर से इंजेक्शन क्यू,,,,
