
नीतीश कुमार की भाजपा से कथित नाराजगी की सच्चाई अभी तक सामने नहीं आई है. नीतीश कुमार कहते तो हैं कि वे एनडीए में ही रहेंगे, पर किसी को भरोसा नहीं हो रहा. भरोसा न होने की वजह भी है. पहले भी वे जिस भाजपा के साथ मरते दम तक न जाने की बात कहते रहे, पर अब भाजपा का साथ न छोड़ने की बात कह रहे हैं. पहले की तरह ही उनका इस बार भी कहने का अंदाज है. इसलिए उनकी बातों पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा. सवाल उठता है कि नाराजगी है तो भाजपा के साथ वे क्यों बने रहने की बात बार-बार कह रहे हैं. उनकी नाराजगी की चर्चा मात्र से आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव उत्साहित हैं. उन्हें नीतीश के इंडिया ब्लॉक में लौट आने का बेसब्री से इंतजार है.
