गरीबो की हमदर्द समाज सेविका उपसाना खातून
…जो हाथ सेवा के लिए उठते है।..
वोह हाथ प्रार्थना करने वाले होटो से अधिक पवित्र हैँ….
आज हम बात कर रहे हैँ ऐसी समाज सेविका की जिसने गुरबती का जीवन जी रहे लोगो के अंदर का दर्द महसूस किया और निकल पड़ी ऐसी राह पर जिस राह पर जरूरत मंदो की दीदाये बेसब्री से ऐसे मसीहा का इंतिजार कर रही जो उनके दुख दर्द को सुन कर तसकीन दें सके, आज समाज सेविका उपसाना खातून सर्दी हो या बरसात हो या गर्मी गरीबो के द्वार तक जाकर उनका हाल चाल लेती हैँ. उनकी मदद भी करती हैँ. जो गुरबती के साये तले अपना जीवन बिताने को मजबूर हैँ.बांदा रोटी बैंक सोसाइटी की सदस्य के रूप मे भले ही जानी जाती हैँ. मगर जज्बातो की बुलंदियों की कोई सीमा नहीं नदी की धाराओं के तरह इनके हातो सेवा की बयार बहती रहती हैँ, आज अप्साना खातून ने बाँदा जनपद से लेकर गैर जनपद तक बांदा रोटी बैंक सोसाइटी की सदस्य के रूप मे अपनी पहचान बना रखी, आज अपने मोहल्ले खाईपार मे एक दर्जन से अधिक घरों मे खाना बाटकर लोगो की दुआएं बटोरी वही रोटी बैंक के अध्यक्ष रिजवान अली ने बताया की हमारा व हमारी पूरी टीम दिल जान से मदद के लिए लगी रहती हैँ, हम लोगो की पूरी कोशिश होती हैँ ज्यादा से ज्यादा जरूरत मंदो की मदद कर सके. संस्थान अपने भर पूरी कोशिश करती हैँ. वही संस्थान के उपाध्यक्ष मोहम्मद सलीम ने बताया की लोगो से सहायता के रूप मे मदद मिलती हैँ हम उनके शुक्र गुज़ार हैँ, आज हम अपने जनपद तक सिमित हैँ लोगो का प्यार और ताऊन इसी तरह मिलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब हम लोग पूरी टीम के साथ हर जरूरत मंदो के दुख दर्द बाटने को त्यार रहेंगे..
