हुसैनी नारों के साथ पाँचवी मुहर्रम को उठे आलम
फतेहपुर,,, माहे मुहर्रम का चाँद दिखते ही हुसैनी सदाओ की गूँज सुनने को मिलने लगती हैँ आज जनपद मे मुहर्रम की पांच तारीख आज के दिन मुस्लिम समुदाय के लोग अपनी अपनी मन्नतो के आधार पर आलम ( नेजा ) उठाते हैँ. यह सारे अखाड़े तकिया चाँद शाह मे एकत्र होते है फिर टोली बनाकर शहर के विभिन्न मार्गो से गुजरते हुये देर रात अपने अपने मुकाम पर चले जाते हैँ. हुसैनी जलूस मे हुसैनी नारे के साथ साथ लोग फूल माला चढ़ाकर नज़राना अक़ीदत पेश करते हैँ. हुसैन के चाहने वालै को शरबत का लंगर करते देखा जा सकता हैँ. इस जनपद मे हुसैनी नज़ारा माह मुहर्रम की ग्यारह तारीख तक देखने को मिलता हैँ
