- अमर शहीद डिप्टी हिकमतउल्लाह खान का बलिदान दिवस
फतेहपुर यूपी –
1857 के नायक अमर शहीद डिप्टी कलेक्टर हिकमतउल्लाह खान अंग्रेजी हुकूमत में डिप्टी मजिस्ट्रेट पद पर भले ही नौकरी कर रहे थे मगर उनकी खून की एक एक बून्द में देश भक्ति का जज्बा भरा हुआ था जनपद को आजाद कराने के लिए क्रांतिवीरो का साथ देकर अपने पद की परवाह किये बिना जनपद में क्रान्तवीरो के साथ कन्धा से कन्धा मिलाकर आजादी का बिगुल फूंकने वाले हिकमतउल्लाह खान और उनकी पठानों की सेना ने अंग्रेजो को भागने पर मजबूर कर दिया 32 दिनों तक फतेहपुर जनपद को आजाद कराकर सरकार चलाने वाले खान ने अपने आप को देश के लिये कुर्बान कर दिया.सदर कोतवाली के जिस गेट में उनका सर कलम कर के अंग्रेजी हुकमरानों ने कई दिनों तक लटकाया था आज वह गेट नहीं रहा,दूसरा नया गेट बनवा दिया गया. मगर असली निशानी अब नहीं रही
👉- प्लासी के युद्ध के बाद अंग्रेजी शासन का झण्डा इस जनपद में भी लहराने लगा लार्ड डलहौजी की राज्य हड़पो निति के चलते जमीदारो को अपनी जमीनों से हाथ धोना पड़ा अंग्रेजो के खिलाफ बगावत की चिंगारी धीरे धीरे सुलगने लगी देश भक्ति के जज्बे में डूबे क्रांतिवीरों की अंग्रेजो से लड़ने के लिये बाहे फड़कने लगी 09 जून 1857 को फतेहपुर की बाग़ डोर संभालने की जिम्मेदारी सोपने के लिये जमरावां के ठाकुर शिव दयाल सिंह और जौधा सिंह अटैय्या फतेहपुर आ कर खान के हातो यहाँ की कमान सोप दी शहीद हिकमत उल्लाह खान ने क्रान्तवीरो के साथ मिलकर अपनी शक्ति शाली पठानों की सेना के संग अंग्रेजो से युद्ध करके 10 जून 1857 में जिले में कब्जा कर लिया फतेहपुर जनपद स्वतंत्र हो गया नाना साहेब ने हिकमत उल्लाह खान को फतेहपुर का चकलेदारबना दिया अंगरेजी कलेक्टर जे,शेटर अन्य परिवार के साथ दुम दबाकर बांदा जनपद की तरफ भाग गया और मिस्टर टेककर नाम के अंगरेज अधिकारी को मार दिया गया, क्रान्तवीरो के कब्जे को लेकर अंग्रेजी हुकमरानों में हडकम मच गई कर्नल नील ,मेजर रोनाल्ड ,हेवलॉक ने मिलकर क्रान्तवीरो से युद्ध किया जिसमे क्रान्तवीरो की हार हुयी और11 जुलाई 1857 को फिर से फतेहपुर जनपद में अंग्रेजो का कब्जा हो गया पूरे शहर में अंगरेजी सेना ने लूट पाट की आग जनि और क़त्ल आम ने अपनी सारी हदो को पार कर दिया, जनरल हेवलॉक ने बिलन्दा नामक स्थान के लशकरी बाग़ से भारी युद्ध के बाद हिकमतउल्लाह खान को गिरफ्तार कर लिया और सदर कोतवाली लाकर प्रताड़ना दी अंग्रेजो ने जब उनके ही सामने मात्र भूमि की शान में अभद्रता किया तो हिकमतउल्लाह खान ने प्राण घातक हमला कर दिया जिसपर हेवलॉक ने देश प्रेमी क्रान्तवीरो के अन्दर खौफ पैदा करने के लिये डिप्टी हिकमत उल्लाह खान का सर कलम कर के सदर कोतवाली के गेट पर टांग दिया जो कई हफ्तों तक टगा रहा और शव को महापौर क्षैत्र में फेक दिया।..आज शहीदों को याद किया गया उनके लिये कसीदे पढ़े गये ,
शहीदों की मज़ारो मे लगेंगे हर बरस मेले
वतन पर मरने वालो का यही बाकि निशां होगा,,,
