- होमियोपैथिक चिकित्सक स्वर्गीय डॉ सत्यनारायण जी की 43वी पुण्यतिथि के अवसर पर मेधावियों का सम्मान समारोह
उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिला के महान समाजसेवी होमियोपैथिक चिकित्सक स्वर्गीय डॉ सत्यनारायण जी की 43वी पुण्यतिथि के अवसर पर इंडियन रेडक्रास सोसाइटी व डॉ सत्यनारायण सेवा फाउंडेशन के मुख्य ट्रस्टी एवं चेयरमैन डॉ अनुराग श्रीवास्तव द्वारा स्वर्गीय डॉ सत्यनारायण भारती विद्यालय हायर सेकंडरी स्कूल अरबपुर के मेधावियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ राजीव नयन गिरि मुख्य चिकित्साधिकारी व विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री प्रमोद त्रिपाठी अध्यक्ष सहोदया व प्रधानाचार्य महर्षि विद्या मंदिर उपस्थित रहे।सर्वप्रथम मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि द्वारा विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय डॉ सत्यनारायण जी की प्रतिमा व मां सरस्वती जी की प्रतिमा में माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।तत्पश्चात मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि व विद्यालय के प्रधानाचार्य को बैज अलंकृत,माल्यार्पण व शाल भेंटकर सम्मानित किया गया।ततपश्चात मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि द्वारा सर्वप्रथम सभी अध्यापकों का माल्यार्पण फिर बालक वर्ग में प्रथम अर्पित कुमार,द्वितीय सूरज सिंह,तृतीय,शुभम कुमार,बालिका वर्ग में प्रथम सेजल,द्वितीय निकेता,तृतीय नेहा देवी व हिंदी में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले रामेंद्र,अंजू,निकेता,अंग्रेजी में शुभम कुमार,संस्कृत में हर्ष वर्मा,गणित में अर्पित कुमार,विज्ञान में शिवम दिवाकर, सामाजिक विज्ञान में सुरेंद्र कुमार,कला में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली सेजल को प्रतीक चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा सभी बच्चों को उत्साहवर्धन के रूप में कुछ धनराशि भी प्रदान की गई।डॉ अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि डॉ सत्यनारायण जी उनके नाना थे और वह चिकित्सा के साथ साथ शिक्षा व अन्य सभी क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देते थे।उत्तर प्रदेश होमियोपैथिक मेडिसिन बोर्ड के सदस्य थे व उस समय प्रारंभ के दिनों में होमियोपैथी के प्रादुर्भाव व विकास के लिए अनवरत प्रयत्नशील रहे अपनी प्रैक्टिस में उन्होंने कभी किसी से फीस नही ली एवं निर्धनों को दवाएं भी निःशुल्क प्रदान करते थे।डॉ अनुराग ने कहा कि आज उनकी पुण्य तिथि पर हम सभी उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लेते हुए समाज मे अपनी सेवाएं अनवरत जारी रखने की प्रतिज्ञा लेते हैं।मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि सभी बच्चों को अपने माता पिता व गुरु का हमेशा सम्मान करना चाहिए।प्रमोद त्रिपाठी जी ने कहा कि सभी बच्चों को सम्मानित होने वाले बच्चों से प्रेरणा लेकर खूब मन लगाकर पढ़ना चाहिए ताकि प्रदेश में स्थान बना सकें और निश्चित रूप से यह मेधा अलंकरण ही नही प्रतिभा निखारने का कार्यक्रम होता है।अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ हेमंत त्रिपाठी ने सभी आए हुए आगन्तुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर मानस मर्मज्ञ दिनेश श्रीवास्तव, इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के सलाहकार संजय श्रीवास्तव सहित अध्यापक राजकुमार वर्मा,उदय चंद्र पटेल,कमल कुमार सविता,मनोज कुमार,दिलीप कुमार,राकेश कुमार सिंह,राजेंद्र कुमार,अस्रिका सचान उपस्थित रहे।
