*निषाद पार्टी ने राज्यमंत्री का घेराव कर अनुसूचित वर्ग का दर्जा और प्रमाण पत्र जारी करने की उठाई आवाज*
एंकर- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में निषाद पार्टी के कार्यक्रताओं ने राज्यमंत्री आवास का घेराव व हंगामा किया और और मांग किया कि निषाद समाज की सभी 17 जातियों को पहले की तरह अनुसूचित वर्ग में शामिल कर प्रमाण पत्र दिए। निषाद पार्टी ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, एससी प्रमाणपत्र जारी करने की उठाई मांग
फतेहपुर। निषाद पार्टी के जिलाध्यक्ष लोकनाथ निषाद के नेतृत्व में सोमवार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री सहित अन्य उच्च अधिकारियों को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में निषाद, केवट, मल्लाह, कश्यप, कहार, धीमर, बिंद, बाथम, तुरहा, गोड़िया, मांझी एवं मछुआ सहित संबंधित जातियों को अनुसूचित जाति (एससी) का प्रमाणपत्र जारी करने की मांग उठाई गई।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2016 और 2017 के शासनादेशों का सभी जिलों और तहसीलों में समान रूप से पालन नहीं हो रहा है तथा कई स्थानों पर इन जातियों के लोगों को अब भी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि यह शासनादेशों और संबंधित अधिसूचनाओं के विपरीत है।ज्ञापन में 1950 की राष्ट्रपति अधिसूचना, 1961 की जनगणना मैनुअल तथा विभिन्न शासनादेशों का हवाला देते हुए मांग की गई कि संबंधित जातियों को मझवार एवं तुरैहा समूह के अंतर्गत अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी किया जाए। साथ ही प्रदेश में ओबीसी प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने, विधानसभा में आवश्यक विधायी कार्रवाई करने तथा अनुसूचित जाति के तहत मिलने वाले सभी संवैधानिक अधिकार एवं योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की गई।
इस दौरान चंद्रमोहन, रामस्वरूप निषाद, उपेंद्रनाथ निषाद, उमाशंकर, अवधेश निषाद, निर्मल चंद्र, सुधीर निषाद सहित पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
