- द्वापर युग में अर्जुन द्वारा स्थापित मंदिर में भक्तों की लगी भीड़
उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिला के बिन्दकी तहसील क्षेत्र के थवई धाम स्थानी लोगो की मानी जय तो द्वापर युग में अर्जुन के बनवास के दौरान शिव लिंग की स्थापना हुयी.व मंदिर को स्थापित कर भव स्वरूप दिया गया प्राचीन काल मंदिर को जीर्णोद्वार होने के कारण समय समय पर देख रेख करते हुये मरममती करण किया गया.यह मंदिर प्राचीन होने के कारण जनपद से लेकर गैर जनपद तक प्रचलित है. इस प्राचीन मंदिर मे शिव लिंग जिसके बारे मे पुजारी के शिष्य ने बताया की शिव रात्रि के पावन पर्व पर शिव लिंग का आकार एक चावल बराबर बढ़ जाता हैँ . इस मंदिर के अनेको चमत्कार सुनने और देखने को मिलते हैँ , यहाँ पर शिव के उपास्को की भारी भीड़ देखने को मिलती हैँ. सावन के माह मे कावरिये गंगा जल लेकर शिव लिंग पर जलाभिशेख करते हैँ. भोले भंडारी पे आस्था रखने वालो का मंदिर मे जमावड़ा लगा रहता हैँ, मनोकामनाएं पूर्ण होने पर भोले नाथ के दरबार मे शीश झुका कर सुख समबृद्धि की प्रार्थना करते हैँ. जनपद का विख्यात मंदिर जो सनातन की धरोहर को अपने ह्रदय मे सजोये हुये हैँ, पुरे मंदिर परिसर मे भोले बाबा के जय कारो की गूँज ओम नमशशिवाह के जाप मन को मोह लेती हैँ
