लब्बैक या हुसैन लब्बैक नारों के साथ मुहर्रम की आठ तारीख को उठे ताजिया,,
उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिला मे आज मुहर्रम की आठ तारीख़ को हुसैनी मंज़र का नज़ारा कुछ अलग देखने को मिला तजियादारों ने अपने अपने मुकाम से तजिया उठाये इस हुसैनी मंज़र को देखने के लिए अक़ीदत मंदो की भारी भीड़ देखने को मिलती हैँ, शहर के विभिन्न मोहल्लो से उठ कर सदर क्षेत्र के तकिया चाँद शाह चौक होते हुये विभिन्न मार्गो से लाहो लश्कर के साथ गुजरते है. वही टीन से बने ताजिया को देखने वालो का ताता लगा रहता हैँ. यादें हुसैन मुस्लिम समुदाय अपने अपने अंदाज से मनाते है. पूरी रात हुसैन पर आस्था रखने वालो की चहेल कदमी देखी जा सकती हैँ हुसैन हुसैन के नारो की गूँज शहीदाने क़र्बला की यादो को तरो ताज़ा कर देते है हर मुस्लिमीन के जुबाँ पर लब्बैक या हुसैन लब्बैक की सदाए सुनी जा सकती हैँ सुबह सवेरे तजियो का मिलाप होने के बाद अपने अपने मुकाम पर चले जाते हैँ….
